Vice President Election: कैसे होता है उप राष्ट्रपति का चुनाव, उम्मीदवारों को रखने पड़ते हैं 15,000 रूपये

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Vice President Election

Highlights

  • NDA के उप राष्ट्रपति उम्मीदवार जगदीप धनखड़ है
  • चुनाव लड़ने के लिए 15,000 रूपये की जरुरत होती है
  • विपक्ष के तरफ से मार्गरेट अल्वा को उम्मीदवार बनाया गया है

Vice President Election: राष्ट्रपति चुनाव खत्म होने के बाद अब बारी उप राष्ट्रपति चुनाव का है। इसी 6 अगस्त को भारत के नए उप राष्ट्रपति के लिए चुनाव होगा। इस चुनाव को लेकर सियासत अब शुरू हो गई है। NDA के उप राष्ट्रपति उम्मीदवार जगदीप धनखड़ है जो कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रह चुके थे। वहीं विपक्ष के तरफ से मार्गरेट अल्वा को उम्मीदवार बनाया गया है। ये कांग्रेस की वरीष्ट नेत्री है। आज इस हम जानेंगे कि उप राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है और अबतक देश में कितन राष्ट्रपति हुए। और क्या है जगदीप धनखड़ और मार्गरेट की कहानी।

उप राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है?

इस समय देश के उप राष्ट्रपति के पद पर वैंकेया नायडू है इनका कार्यकाल 11 अगस्त को खत्म होने वाला है। इस चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सांसद वोट करते हैं। आपको बता दें कि इस चुनाव में मनोनीत सदस्य भी हिस्सा लेते हैं यानी कुल 788 वोट किए जाते हैं इसमें लोकसभा के 543 एमपी होते हैं और राज्यसभा में 243 सांसद वोट डालते हैं।

उप राष्ट्रपति का चुनाव कौन लड़ सकता है?

उप राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए सबसे पहले भारत का नागरिक होना जरूरी है। अगर उम्र की बात करें तो कम से कम 35 वर्ष होना अनिवार्य है। साथ ही साथ राज्यसभा सदस्य चुने जान की सभी योग्ताओं को पुरा कर सकें। वहीं चुनाव लड़ने के लिए 15,000 रूपये की जरुरत होती है। आप उम्मीदवार चुनाव हार जाता है तो उसे ये राशि चुनाव आयोग में जमा हो जाती है।

चुनाव में जीत कैसे होती है तय

इस चुनाव में सांसदों के वोट की संख्या में आधे से ज्यादा वोट पड़ने पर जीत तय मानी जाती है। आपको आसान भाषा में समझाते हैं जैसे मान लीजिए 360 सासंदो ने वोट डाला तो उसके आधे से ज्यादा मतलब 181 वोट की जरूरत जीत के लिए होगी. अगर इसमें दशमलव की स्थिति होती है तो उसमें .050 हटा दिया जाएगा

कौन है जगदीप धनखड़ और मार्गरेट अल्वा?

जगदीप धनखड़ एक भारतीय राजनीतिज्ञ और वर्तमान में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल हैं। उनका जन्म 18 मई 1951 में हुआ था। धनखड़ राजस्थान के झूंझूनू जिले के रहने वाले है। वह 1989 से 1991 तक भारत के केन्द्रीय मंत्री के पद पर रहें और इसी दौरान वह झुंझुनू से लोकसभा सांसद भी रहें। राजनीति में आने से पहले जगदीप घनखड़ पेशे से एक वकील हुआ करते थे। विपक्ष के तरफ से उप राष्ट्रपति की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा का जन्म 14 अप्रैल 1942 को कर्नाटक के मंगलुरु जिले में हुआ था। आल्वा एक इसाई परिवार से आती हैं। उनकी पढ़ाई बेंगलुरू के माउंट कारमेल कॉलेज से पूरी हुई। अगर बात करें राजनितीक कैरीयर कि तो 1969 से हुई थी। ये कांग्रेस में काफी समय से एक्टीव रही। ऐसा कहा जाता है कि जब कांग्रेस दो धड़े में बट गया था तब ये इंदिरा के साथ खड़ी रही। इस वजह से काफी इदिंरा के काफी नजदीकियां बढ़ी। इदिंरा ने उन्हें कर्नाटक की राज्य इकाई को संभालने का मौका दिया था।

 

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