‘केंद्रीय एजेंसियों की जांच रुकवाने के लिए PM मोदी से मिलीं ममता बनर्जी’, CPIM और कांग्रेस ने लगाए ये आरोप

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Modi-Mamata Meeting

Modi-Mamata Meeting: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से (PM Narendra Modi) पीएम हाउस में हाई लेवल मीटिंग की है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने करीब एक घंटे तक हुई इस मीटिंग की एक तस्वीर भी शेयर की है। पीएम (PM Narendra Modi) से सीएम ममता की इस मुलाकात पर सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और सीपीआईएम और कांग्रेस ने इस मुलाकात को लेकर ममता बनर्जी पर आरोप लगाए हैं। 

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस ने ये आरोप लगाया है कि ममता (Mamata Banerjee) ने शिक्षक भर्ती घोटाले समेत विभिन्न भ्रष्टाचार मामलों की केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही जांच को रुकवाने और बीजेपी को मनाने के लिए ये मुलाकात की थी। हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इन दावों को खारिज किया है और इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।

CPIM ने क्या आरोप लगाए?

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) की केंद्रीय समिति के सदस्य सुजान चक्रवर्ती ने आरोप लगाया है कि अगर यह मीटिंग राज्य का बकाया पाने के लिए हुई होती, तो ममता (Mamata Banerjee) सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी डॉक्यूमेंट्स के साथ इसमें शामिल होते। उन्होंने कहा कि ये साफ है कि दोनों दलों के बीच गुप्त समझौता है। हम सभी जानना चाहते हैं कि ऐसा क्या बात थी जिसकी वजह से ममता बनर्जी प्रधानमंत्री (PM Narendra Modi) से मिलने के लिए दिल्ली गईं और वो भी इस दौर में, जब उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। 

कांग्रेस ने क्या कहा

कांग्रेस ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस बीजेपी के एजेंट के रूप में, विपक्षी एकता को नष्ट करने के मिशन पर है। कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पिछले कुछ महीनों से जिस तरह से काम कर रही है, उससे स्पष्ट है कि वह भगवा खेमे के एजेंट की तरह काम कर रही है। विभिन्न भ्रष्टाचार मामलों में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच से अपने सदस्यों को बचाने के लिए तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी के साथ समझौता किया है।

पीएम और सीएम ममता की मुलाकात में किन बातों पर चर्चा

प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन में बनर्जी (Mamata Banerjee) ने कहा कि ग्रामीण रोजगार योजना-मनरेगा, पीएम-आवास योजना और पीएम-ग्रामीण सड़क योजना के क्रियान्वयन के कारण राज्य के लिए फंड को तुरंत जारी करने के संबंध में वह कई बार हस्तक्षेप का आग्रह कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के तहत राज्य को देय राशि अब लगभग 17,996.32 करोड़ रुपए है।

अपने ज्ञापन में बनर्जी ने बहुत सी योजनाओं और लाभों के तहत राज्य को देने वाली कुल राशि का ब्योरा प्रस्तुत किया है। केंद्र सरकार की ओर से राज्य को 31 जुलाई, 2022 तक जो फंड बकाया है, वह लगभग 1,00,968.44 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। बनर्जी ने कई दफा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर राज्यों, विशेषकर विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों को माल और सेवा कर (GST) के भुगतान में देरी करने का आरोप लगाया है। पीएम मोदी से बैठक के बाद बनर्जी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने गईं। 

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